
ले जाएं …) ▼ सोमवार, 22 दिसंबर 2025 रोजगार सहायकों के हित में बड़ा निर्णय: प्रशासनिक व्यय 6 से 9 प्रतिशत, वेतन भुगतान को मिली प्राथमिकता भोपाल- मनरेगा और ग्रामीण विकास से जुड़े लाखों कर्मचारियों के लिए राहत भरा फैसला लेते हुए केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया है। इस निर्णय से रोजगार सहायकों, पंचायत सचिवों और तकनीकी स्टाफ को समय पर वेतन भुगतान की लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की दिशा में ठोस पहल मानी जा रही है। सोमवार को भोपाल में विभिन्न राज्यों से आए रोजगार सहायकों के प्रतिनिधिमंडल ने केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि प्रशासनिक व्यय कम होने के कारण सबसे पहले कर्मचारियों के वेतन पर असर पड़ता था, जिससे जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधाएं आती थीं। वेतन भुगतान में देरी बनी थी बड़ी समस्या इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रोजगार सहायकों और पंचायत स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलना एक गंभीर और संवेदनशील मुद्दा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण विकास की योजनाएं तभी सफल हो सकती हैं, जब उन्हें लागू करने वाला अमला संतुष्ट और सुरक्षित महसूस करे। इसी सोच के तहत प्रशासनिक व्यय बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि पहले प्रशासनिक व्यय 6 प्रतिशत था, जिसे अब बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि कुल प्रस्तावित बजट 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये में से 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि कर्मचारियों के वेतन और प्रशासनिक जरूरतों के लिए सुरक्षित रहेगी। यह राशि वेतन भुगतान के लिए पर्याप्त होगी और इससे भुगतान में देरी की समस्या समाप्त होगी। पहले वेतन, फिर अन्य खर्च श्री शिवराज सिंह चौहान ने यह भी स्पष्ट किया कि अब नियमों में ऐसा प्रावधान किया गया है कि सबसे पहले कर्मचारियों का वेतन भुगतान किया जाएगा, उसके बाद अन्य आवश्यक प्रशासनिक खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्यों के साथ समन्वय कर इस व्यवस्था को सख्ती से लागू कराया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रशासनिक व्यय का उपयोग अनावश्यक मदों जैसे वाहन या गैर-जरूरी खर्चों में न हो। 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि मनरेगा के तहत अब 100 दिन के स्थान पर 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है। यह बदलाव केवल दिनों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा को और मजबूत किया गया है। खेती के पीक सीजन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारों को यह अधिकार दिया गया है कि वे कटाई और बुवाई के समय अधिकतम 60 दिन तक कृषि कार्यों में मजदूरों को लगाने की अधिसूचना जारी कर सकें, जिससे किसानों को श्रमिकों की कमी न झेलनी पड़े। VB-G RAM G योजना को बनाया गया अधिक प्रभावी श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि VB-G RAM G (विकसित भारत ग्राम योजना) को पुरानी कमियों से मुक्त कर अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाया गया है। इस योजना को अब विधेयक से आगे बढ़ाकर अधिनियम का रूप दिया गया है, जिससे इसके प्रावधा.